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UDH
Authorities and UIT’s Online Services
Urban Housing and Development Department, Government of Rajasthan

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Auction Guideline Back to Home

Unit Wise Summary

S.No. Unit Name Total Residential Usage Commercial Usage Other Usage
Corner Non-Corner Corner Non-Corner Corner Non-Corner
1. Bikaner Development Authority 81 7 53 - - 5 16
2. UIT, Jaisalmer 12 5 4 1 2 - -
3. Ajmer Development Authority 138 4 94 2 4 1 33
4. Jaipur Development Authority 175 11 27 19 63 41 14
5. Jodhpur Development Authority 35 19 11 - - 2 3
Total 441 46 189 22 69 49 66

E-Auction Notification

ई-नीलामी में भाग लेने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश ई-नीलामी द्वारा क्रय किये गये भूखण्डों में EMD, 15%, 35%, & 50% राशि तय समय पर जमा के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश
ई-नीलामी में भाग लेने हेतु राजस्थान सरकार की RAJASTHAN SINGLE SIGN ON (SSO) की सेवा https://sso.rajasthan.gov.in/signin पर रजिस्ट्रशेन अनिवार्य है। SSO पर रजिस्ट्रशेन के पश्चात् Citizen Apps (G2C) में Urban Services में जाकर ई-नीलामी पोर्टल पर आवेदक को अपनी बिडिंग प्रोफाईल आवश्यकतानुसार दस्तावेजों एवं सिस्टम द्वारा चाही गई सूचनाओं को अद्यतन (Upload) किया जाना होगा। ई-नीलामी के माध्यम से भूखण्ड क्रय करने हेतु अमानता (EMD) राशि जमा कराये जाने के पश्चात समय पर पोर्टल में अपडेट होने व नहीं होने की समस्त जिम्मेदारी स्वयं बोलीदाता की होगी ।
दस्तावेजों की जाँच के पश्चात् दस्तावेजों के सही पाये जाने पर प्रोफाईल अनुमोदित किया जाता है। दस्तावेजों आदि में कमी रहने पर सिस्टम द्वारा Notification द्वारा सूचित किया जाता है, जिसे पूर्ण करने की जिम्मेदारी आवेदक होगी। ई-नीलामी से क्रय किए गए भूखण्ड की 15 प्रतिशत राशि नीलामी तिथि को सम्मिलित करते हुये 3 कार्य दिवसों में जमा होने व नहीं होने की समस्त जिम्मेदारी स्वयं क्रेता की होगी ।
अतः आवेदक से अपेक्षा की जाती है कि बिड में भाग लेने से पूर्व उक्तानुसार प्रक्रिया समय पूर्ण करना सुनिश्चित करें। प्रोफाईल अनुमोदित होने के पश्चात् ही बोलीदाता बिड प्रक्रिया में भाग लेने के योग्य होगा। ई-नीलामी अनुमोदित होने के उपरान्त विभाग द्वारा नीलामी पुष्टि एवँ माँग पत्र जारी किया जाता है । जारी माँग पत्र में अंकित राशि ही अधिकृत है । ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से Online / NEFT/RTGS के जरिए राशि जमा कराने की सुविधा है। माँग पत्र में जारी राशि व तिथि एवं पोर्टल पर प्रदर्शित राशि व तिथि में यदि भिन्नता है, तो जारी माँग पत्र की राशि व नियत तिथि ही मान्य होगी ।
भूखण्ड के पेटे यदि राशि Online / NEFT / RTGS के माध्यम से जमा में त्रुटि होती है तो सिस्टम द्वारा राशि स्वतः ही जमाकर्ता को लौटा दी जाती है, ऐसी स्थिति में समस्त जिम्मेदारी स्वयं क्रेता की होगी ।
पोर्टल के माध्यम से राशि जमा कराते समय बैंक से सम्बंधित समस्या की जिम्मेदारी स्वयं क्रेता की होगी ।
ई-नीलामी से क्रय किए गए भूखण्डों में ऑनलाइन में दिए गए नियम एवं शर्तें तथा राज्य सरकार के द्वारा समय-समय पर जारी आदेश/निर्देश अन्तिम होंगे।
विभाग द्वारा जारी माँग पत्र में 50 प्रतिशत नजराना राशि के साथ अन्य राशि यथा साईट प्लान, लीज एवं बी.एस.यू. पी. की राशियाँ भी 50 प्रतिशत नजराना राशि के साथ जमा कराए जाना अनिवार्य है ।
50 लाख से अधिक मूल्य के भूखण्ड में नजराना राशि (टी. डी. एस. की राशि नजराना में सम्मिलित ) पर टी. डी. एस. की राशि आयकर विभाग में जमा कराने का उत्तरदायित्व स्वयं क्रेता का होगा।